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हिंदी कविता आया होली का त्योहार

आया होली का त्योहार


आया होली का त्योहार
आओ नाचो, झूमो यार!

खेतों में है सरसों फूले
अलसी की हर डाली झूमे,
धानी चूनर पहन के देखो
धरती ने किया शृंगार।

शीतल, मंद, और सुगंधित
मलयाचल से बही बयार,
केसर, कुंकुम हाथों में ले
प्रकृति का करो सत्कार।

हर बाला गोपी बनी, और
कान्हा हर एक बाल,
रंग उड़ाएँ मुट्ठी भर-भर 
बदरा कर रहे लाल।

एक दूजे के गालों पर 
मल रहे अबीर गुलाल।
पिचकारी ले नृत्य करें
मिला ताल से ताल।

मन मदमस्त पवन-सा डोले
तन मयूर सम नाचे-झूमे,
फागुन की मस्ती में देखो
डूब रहा सारा संसार।

अपना और पराया भूलो
सबके लिए जगालो प्यार,
तन के संग मन का भी 
तुम मैल मिटा लो यार!

आया होली का त्योहार
आओ नाचो, झूमो यार!

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